🎨 झारखंड में ‘कला उत्सव 2025-26’: 350 से अधिक छात्रों ने दिखाई अपनी कला

🎨 झारखंड में ‘कला उत्सव 2025-26’: 350 से अधिक छात्रों ने दिखाई अपनी कला

 

रांची, 4 अक्टूबर 2025 — झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा आयोजित “कला उत्सव 2025-26” ने रांची में रंगों, संगीत और संस्कृति की अद्भुत झलक पेश की। इस राज्य-स्तरीय आयोजन में 350 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से पूरे दर्शक वर्ग को मंत्रमुग्ध कर दिया।


🏫 आयोजन का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था — स्कूल स्तर पर रचनात्मकता, भारतीय कला संस्कृति और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देना।
“कला उत्सव” शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसे झारखंड में JEPC ने राज्य-स्तर पर आयोजित किया। इस उत्सव में सभी जिलों से चुने गए विद्यार्थी शामिल हुए जिन्होंने संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला और लोककला जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई।


🎭 कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ

  • पारंपरिक छऊ नृत्य, झारखंडी लोक गीत, और जनजातीय कला कार्यक्रम की खास आकर्षण रहे।

  • कई स्कूली बच्चों ने डिजिटल आर्ट और पेंटिंग श्रेणी में भी शानदार प्रदर्शन किया।

  • लड़कियों की भागीदारी पिछले सालों की तुलना में अधिक रही — लगभग 60% प्रतिभागी छात्राएँ थीं।

  • कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में स्थानीय कलाकार, शिक्षाविद और राज्य सांस्कृतिक विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


🏆 पुरस्कार और सम्मान

विजेताओं को शिक्षा विभाग की ओर से ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और छात्रवृत्ति की घोषणा की गई। शीर्ष कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।


💬 अधिकारियों की प्रतिक्रिया

राज्य शिक्षा सचिव ने कहा —

“कला उत्सव बच्चों की कल्पनाशक्ति को दिशा देता है और शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहने देता। ऐसे आयोजन ही हमारे समाज की सच्ची रचनात्मकता को उजागर करते हैं।”

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के निदेशक ने भी बताया कि अगले सत्र में यह कार्यक्रम और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक सरकारी और ग्रामीण स्कूलों के बच्चे भाग ले सकें।


🌿 निष्कर्ष

“कला उत्सव 2025-26” ने यह साबित कर दिया कि झारखंड के बच्चे न केवल पढ़ाई में बल्कि कला, संस्कृति और नवाचार में भी अग्रणी हैं। इस तरह के आयोजन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करते हैं।

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